भोपाल: भोपाल में परिवार की बिखरती खुशियों को फिर से संवारने और घर में शांति स्थापित करने की उम्मीद एक महिला को भारी पड़ गई। तंत्र-मंत्र और गृह शांति कराने का दावा करने वाले भाई-बहन पर महिला से करीब एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पहले परिवार को एकजुट कराने का भरोसा दिलाया और फिर इसी बहाने नकदी, ऑनलाइन माध्यम से रकम तथा बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण हासिल कर लिए। क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर लिया है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, साकेत नगर निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने 14 अक्टूबर को इस संबंध में शिकायत दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा की पहचान मोहल्ले की एक परिचित के जरिए आशा यादव से हुई थी। आशा ने उन्हें बताया कि उसका भाई मुकेश यादव तंत्र-मंत्र करता है और गृह शांति से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर सकता है। उस समय पुरुषोत्तम का बेटा परिवार से अलग रह रहा था। परिवार में फिर से मेल-मिलाप और शांति कायम होने की उम्मीद में राजेश्वरी का आशा के घर आना-जाना बढ़ गया।
भरोसे का फायदा उठाया! पैस के साथ जेवर भी गायब
आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आशा और उसके भाई ने गृह शांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर उनसे रकम तथा कीमती सामान लेना शुरू कर दिया। शिकायत में बताया गया है कि 25 मई 2025 से रुपए लेने का सिलसिला शुरू हुआ। राजेश्वरी ने अलग-अलग मौकों पर फोन-पे के जरिए आशा के बैंक खाते में करीब 7.16 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके अलावा घर में रखी नकदी में से लगभग 12.54 लाख रुपए भी दिए गए। आरोप है कि दोनों ने केवल नकदी तक ही खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि करीब 625 ग्राम सोने और 500 ग्राम चांदी के जेवर भी ले लिए।
शिकायतकर्ता परिवार के मुताबिक, नकदी और आभूषणों सहित धोखाधड़ी की कुल रकम करीब एक करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इस पूरे मामले में परिवार को संदेह तब हुआ, जब 29 सितंबर को बिट्टन मार्केट स्थित जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने पुरुषोत्तम शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि करीब पांच महीने पहले आशा यादव ने उनकी दुकान से लगभग 17 लाख रुपए का सोना खरीदा था। इस खरीदारी के दौरान पांच लाख रुपए नकद दिए गए थेओजबकि बाकी रकम के भुगतान के लिए चेक दिया गया था, आरोप है कि चेक के जरिए भुगतान नहीं हुआ।
ज्वेलर्स से मिली जानकारी के बाद पुरुषोत्तम ने अपनी पत्नी से पूछताछ की। बातचीत में तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर रुपए तथा जेवर दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद परिवार ने पूरे मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने पुरुषोत्तम शर्मा, उनकी पत्नी और बेटों के बयान दर्ज कर मामले की पड़ताल की। जांच के दौरान राजेश्वरी शर्मा ने पुलिस को करीब आठ चेक सौंपे, जिनकी कुल राशि लगभग 10 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके साथ ही एक खाली चेक और छह अलग-अलग एटीएम कार्ड भी पुलिस को दिए गए। पुलिस ने इन सभी दस्तावेजों और कार्डों को जब्त कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की भूमिका
प्रारंभिक जांच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की भूमिका सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कथित तौर पर कितनी रकम और संपत्ति हासिल की तथा चेक और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। फिलहाल क्राइम ब्रांच मामले की विवेचना कर रही है। जांच में सामने आने वाली तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले खबर सामने आई था कि फर्जी हेल्थ कैंप लगाकर बायोमेट्रिक डेटा की चोरी केस में एक्शन, साइबर ठगी के लिए एक्टिवेट कराए थे 3000 से ज्यादा सिम।
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